Gold Silver Today Update
Gold Silver Today Update : साथ में आसमान से जमीन पर गिरा सोने चांदी का भाव
19 जनवरी 2026 को भारत में सोने और चांदी के भाव में तेजी का दौर चल रहा है, जिससे आसमान छू रही कीमतें फिर एक बार ऊपर की ओर बढ़ गई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी गिरावट भी देखी गई है
आज के सोने और चांदी के भाव (19 जनवरी 2026)
19 जनवरी 2026 को भारत में सोने की कीमतें फिर से ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जबकि चांदी में भी तेजी दर्ज की गई है
सोने का भाव (10 ग्राम के हिसाब से):24 कैरेट सोना: लगभग ₹1,45,400 – ₹1,45,600 (शहरों के हिसाब से थोड़ा अंतर हो सकता है)
22 कैरेट सोना: लगभग ₹1,33,300 – ₹1,33,500 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: लगभग ₹10,94,200 प्रति 100 ग्राम (यानी ₹1,09,420 प्रति 10 ग्राम)
चांदी की कीमत (1 किलो/1 ग्राम के हिसाब से):चांदी प्रति किलो: लगभग ₹3,01,000 – ₹3,05,000
शहरों के हिसाब से कीमतें
(उदाहरण)अलग-अलग बड़े शहरों में मौजूदा दाम इस तरह देखे जा रहे हैं:
दिल्ली:24 कैरेट सोना: ₹1,45,400 पर आसपास
चांदी: ₹3,05,000 प्रति किलो (₹305 प्रति ग्राम)
मुंबई:सोना: ₹1,45,520 पर आसपास प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹3,01,020 प्रति किलो के आसपास
चेन्नई:सोना: ₹1,45,470 पर आसपास प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹3,01,640 प्रति किलो
चांदी प्रति ग्राम: लगभग ₹301 – ₹305
आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुझान
भारत में सोना-चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर के हिसाब से तय होती हैं
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 4,029 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है
अंतरराष्ट्रीय चांदी का भाव लगभग 48.40 डॉलर प्रति औंस के आसपास है
इसके अलावा, भारतीय रुपये की कमजोरी और आयात पर लगने वाले शुल्क भी सोने को भारत में महंगा बनाते हैं
आज क्यों बढ़ीं कीमतें?
सोने-चांदी की कीमतें आज फिर से बढ़ी हैं, क्योंकि:निवेशक सुरक्षित जगह (safe‑haven) में पैसा लगा रहे हैं, जिससे मांग बढ़ी है
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना–चांदी महंगे होने से भारत में भी इनकी कीमतें ऊपर जा रही हैं
कुछ शहरों में त्योहार के बाद भी खरीदारी का दबाव बना हुआ है, जिससे रुझान तेजी का बना हुआ है
आगे क्या रुख रह सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी बनी रहती है और डॉलर मजबूत रहता है, तो सोने-चांदी की कीमतें अगले कुछ दिनों तक ऊपरी स्तर पर बनी रह सकती हैं
हालांकि, अगर ब्याज दरों में बढ़ोतरी या डॉलर में कमजोरी आए, तो कीमतों में कुछ राहत भी मिल सकती है