Budget New update 2026
Budget New update 2026: क्या बजट में बंद हो जाएगी पुरानी टैक्स नीति? Nirmala Sitharaman
अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा गया है कि बजट 2026 में पुरानी टैक्स नीति को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, लेकिन सरकार पिछले 2-3 साल से नई टैक्स व्यवस्था को बहुत अट्रैक्टिव बना रही है, जिससे एक्सपर्ट्स और टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल है कि क्या 1 फरवरी 2026 को निर्मला सीतारमण पुरानी रीजीम को समाप्त कर देंगी या उसे बहुत सीमित कर देंगी।
पुरानी और नई टैक्स रीजीम क्या है?
पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime):
इसमें ज्यादा टैक्स स्लैब हैं, लेकिन आपको 80C, 80D, HRA, घर का लोन, NPS, बच्चों की फीस आदि पर बहुत ज्यादा कटौती का मौका मिलता है। जिसके लिए बहुत ज्यादा डॉक्यूमेंट्स और टैक्स प्लानिंग की जरूरत पड़ती है।
नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime):
यह 2020 में लाई गई। इसके स्लैब आसान हैं और ऊपरी छोर पर टैक्स दरें कम हैं, लेकिन ज्यादातर छूट/कटौतियां (जैसे 80C, 80D, HRA, NPS) नहीं मिलती। इसलिए यह उनके लिए फायदा मंद है जिनके पास कम डिडक्शन होते हैं।
बजट 2023-25 में नई रीजीम को दिया गया बढ़ावा
पिछले 2-3 बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई टैक्स व्यवस्था को बहुत तेजी से बढ़ावा दिया है:
बजट 2023 से नई रीजीम को डिफ़ॉल्ट विकल्प बना दिया गया। अब नए टैक्सपेयर्स अपने आप नई रीजीम में आ जाते हैं, अगर वे पुरानी चाहते हैं तो अलग से ऑप्शन देना पड़ता है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन (₹50,000), बाद में बढ़कर ₹75,000 कर दिया गया, जो सीधे नए रीजीम में लागू होता है।
नई रीजीम में टैक्स स्लैब भी सरल और आकर्षक बनाए गए हैं। FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए नई स्लैब हैं:
निर्मला सीतारमण के बजट 2026 में क्या उम्मीद है?
बजट 2026 में वित्त मंत्री की तरफ से नई टैक्स व्यवस्था के साथ कुछ और बड़े बदलाव की उम्मीद है:
नई रीजीम में पुरानी छूटों को लाने का दबाव है, खासकर 80C (₹1.5 लाख से ₹2 लाख) और 80D की सीमा बढ़ाने की उम्मीद।
पेंशन, निवेश और बचत के लिए अलग से छूट या सब्सिडी देने की संभावना।
नए इनकम टैक्स एक्ट (आयकर अधिनियम, 2025) के बारे में घोषणाएं, जो एक जुलाई 2026 से लागू होने वाला है और टैक्स लॉ को बहुत सरल बनाएगा
आम आदमी को क्या करना चाहिए?
अगर आपके पास बहुत ज्यादा छूट (HRA, लोन, बीमा, निवेश) है, तो अभी भी पुरानी रीजीम फायदा मंद हो सकती है। लेकिन अगले 1-2 साल में नई रीजीम के साथ छूट बढ़ने की संभावना है।
अपनी आय, डिडक्शन और ITR के लिए दोनों रीजीम का टैक्स अलग-अलग कैलकुलेट करके देखना जरूरी है।
बजट 2026 के बाद आधिकारिक नोटिस और आयकर विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन्स को ध्यान से फॉलो करना चाहिए।