LIC New FD Scheme
LIC New FD Scheme: एक लाख निवेश पर हर महीने पाएं करीब 15,500 की सुरक्षित कमाई
आज के समय में हर व्यक्ति अपने रिटायरमेंट को लेकर चिंतित रहता है। नौकरी के दौरान तो आमदनी रहती है लेकिन बुढ़ापे में नियमित आय का साधन होना बहुत जरूरी हो जाता है। कोई भी नहीं चाहता कि उम्र के इस पड़ाव में उसे दूसरों पर निर्भर रहना पड़े। ऐसे में लोग ऐसी योजना तलाशते हैं जहां पैसा भी सुरक्षित रहे और हर महीने तय आमदनी भी मिलती रहे। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एलआईसी ने एक नया एफडी जैसा निवेश प्लान लॉन्च किया है जो खास तौर पर सुरक्षित भविष्य की चाह रखने वालों के लिए है।
एलआईसी नया एफडी प्लान क्या है और क्यों खास माना जा रहा है
एलआईसी का यह नया एफडी प्लान उन लोगों के लिए लाया गया है जो बाजार के उतार चढ़ाव से दूर रहकर गारंटीड रिटर्न चाहते हैं। इस योजना में निवेश करने पर हर महीने तय राशि मिलती है जिससे रिटायरमेंट के बाद के खर्च आसानी से पूरे किए जा सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें निवेश करने वाले को शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड जैसी अस्थिरता का सामना नहीं करना पड़ता। एलआईसी का नाम ही भरोसे का प्रतीक माना जाता है और इसी भरोसे के साथ यह योजना लोगों को आर्थिक सुरक्षा देती है।
कितना निवेश करने पर कितनी मासिक आय मिलेगी
इस एलआईसी एफडी प्लान में न्यूनतम निवेश एक लाख रुपये से शुरू होता है। अधिकतम निवेश सीमा पंद्रह लाख रुपये तक रखी गई है। अगर कोई व्यक्ति डेढ़ लाख रुपये का निवेश करता है तो उसे हर महीने करीब नौ हजार सात सौ पचास रुपये तक की नियमित आय मिल सकती है। यानी सालाना आधार पर देखें तो यह रकम अच्छी खासी हो जाती है। जिन लोगों को हर महीने छोटी लेकिन स्थिर आय चाहिए उनके लिए यह योजना काफी उपयोगी मानी जा रही है।
ब्याज दर और निवेश अवधि की पूरी जानकारी
एलआईसी के इस एफडी प्लान में फिलहाल करीब साढ़े सात प्रतिशत के आसपास ब्याज दिया जा रहा है। यह ब्याज दर कई बैंकों की सामान्य एफडी से बेहतर मानी जा रही है। इस योजना की अवधि पांच साल से लेकर दस साल तक रखी गई है। यानी निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार अवधि का चुनाव कर सकता है। लंबी अवधि के लिए निवेश करने पर यह योजना और भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है।
प्री विड्रॉल और लोन की सुविधा मिलेगी या नहीं
इस एलआईसी एफडी प्लान में निवेश करने के बाद तीन साल का लॉक इन पीरियड रखा गया है। यानी तीन साल पूरे होने के बाद निवेशक जरूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकता है। हालांकि समय से पहले पैसा निकालने पर कुछ शर्तें और कर नियम लागू हो सकते हैं। इसके अलावा अगर अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए तो इस एफडी को गिरवी रखकर लोन लेने की सुविधा भी दी जाती है। एफडी खुलवाने के करीब तीन महीने बाद लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
टैक्स से जुड़ी जरूरी बातें जो जानना जरूरी है
इस योजना से मिलने वाली मासिक आय पर सामान्य टैक्स नियम लागू होते हैं। हालांकि अगर निवेश पांच साल के टैक्स सेविंग विकल्प के तहत किया जाता है तो आयकर की धारा अस्सी सी के तहत टैक्स में छूट का लाभ भी मिल सकता है। निवेश से पहले टैक्स नियमों को समझना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर रहता है।