Post Office Best Seving
Post Office Best Seving Scheme: 1 लाख जमा पर हर महीने अब इतना मिलेगा | PO Monthly Income Plan
आज के दौर में हर कोई ऐसी बचत योजना की तलाश में रहता है जो निवेश को पूरी तरह सुरक्षित करे और साथ ही हर महीने निश्चित आय भी प्रदान करे। खासकर वे लोग जो रिटायर हो चुके हैं, गृहिणियां या जो जोखिम लेने से बचते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस की Monthly Income Scheme (MIS) एक आदर्श विकल्प साबित होती है। इस लेख में हम विस्तारपूर्वक जानेंगे कि 1 लाख रुपये जमा करने पर पोस्ट ऑफिस MIS से कितनी मासिक आय प्राप्त होगी, साथ ही इसकी ब्याज दर, नियम और इस योजना के लाभ क्या हैं।
पोस्ट ऑफिस Monthly Income Scheme (MIS) क्या है?
पोस्ट ऑफिस Monthly Income Scheme एक भारत सरकार समर्थित बचत योजना है, जिसमें निवेशक एकमुश्त राशि जमा करता है और उस राशि पर निर्धारित ब्याज हर महीने सीधे खाते में credited होता है। यह योजना पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि इसका सरकारी समर्थन होता है।
1 लाख जमा करने पर हर महीने कितनी मिलेगी?
इस वक्त पोस्ट ऑफिस MIS पर सालाना 7.4% का ब्याज दर लागू है।
₹1,00,000 की निवेश राशि पर:
सालाना ब्याज = ₹7,400 के करीब
मासिक आय = लगभग ₹616 से ₹620 के बीच
अर्थात, 1 लाख रुपये लगाने पर आपको हर महीने करीब ₹620 की निश्चित आमदनी मिलती है, जो सीधे आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में जमा होता है।
निवेश सीमा और अवधि
न्यूनतम निवेश राशि है ₹1,000।
एकल खाते में अधिकतम निवेश ₹9 लाख तक किया जा सकता है।
संयुक्त खाते में अधिकतम निवेश सीमा ₹15 लाख है।
इस योजना की अवधि 5 वर्षों की होती है।
खाता कौन खोल सकता है?
यह योजना किसी भी भारतीय नागरिक के लिए उपलब्ध है।
यह एकल खाते के रूप में खोला जा सकता है।
साथ ही, इसमें तीन वयस्कों तक के लिए संयुक्त खाता भी खोला जा सकता है।
नाबालिगों के लिए भी अभिभावक की सहमति से खाता खोला जा सकता है।
पोस्ट ऑफिस MIS के मुख्य फायदे
सरकार की गारंटी के कारण आपका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
हर महीने आपको निश्चित और नियमित ब्याज की आय प्राप्त होती है।
रिटायर्ड लोगों के लिए यह योजना नियमित पेंशन जैसा मासिक समर्थन देती है।
यह योजना शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तरह जोखिमपूर्ण नहीं होती।
संयुक्त खाते से दंपति मिलकर ज्यादा निवेश कर अपनी बचत बढ़ा सकते हैं।
टैक्स से जुड़ी जानकारी
MIS से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के अंतर्गत आता है।
यद्यपि इस योजना में TDS नहीं काटा जाता, परंतु आपको अपनी आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स भरना आवश्यक होता है।
यह योजना Section 80C के तहत टैक्स लाभ प्रदान नहीं करती।